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lirik lagu har gham mein khushi hai – ace

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जब है देखा तब है जाना
ये पहचाना ओर ये माना
ज़िंदगी तो है मुक़ाबला

जिससे जीत के दिखाना
मैं सयाना हू बेगाना
ले के आया था तराना
ओर ये गाना जैसे कामा
सुन के लगा तुझ को लामा

रोज का ड्रामा ओर हुंगमा
मेरे पीछे रहते मामा
जैसे मेरे जेब मे गांजा
कुछ बढ़ता है ये माजरा
वो कहते छोटे जाना
फट-फट से तू समान ला
चलाता धूप झाला
फिर आया ये उजाला

मैं निराला था अंजाना
अपने आप को संभाला
अपने आप को संभाला
मैंने बदली मेरी धारा

अपने आप से जुड़ा था
मैं था जीत के भी हारा
माँ बाप मे खुदा है
ये पहचाना ओर ये माना

निभाता हू मैं वादा
जो क़ामया सीधा साधा
परिवार पहले आता
मेरे प्यार मेरी माता

तोड़ा दूं ना छिलम
पूरी करे मेरी आशा
मेरे गम ओर सितम
मैं तो धुए मे उड़ाता

जो भी गल्लत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है
जो भी गलत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है
जो भी गलत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है
जो भी गलत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है

जिसपे रखते हम भरोसा
वही देता हमे धोका
ये जो मौका तूने छोड़ा
उसने पकड़ा मारा चौका

जोना न होना वो है होता
जोना न होता वो है होना
अगर साथ है सपनो का
सिर पे हाथ है अपनो का

कल क्या होगा ये ना सोचा
माँ क़सम मैं था तंग
मेरे यार मेरे संग
अपने आप मे मगन

वो तो खुद की भी ना सुने
अपना स्टाइल है दबंग
मेरे शहर मे दम
मैं हू हाजी मल्लंग

अलग मेरा ढंग
दिमाग़ रहता भंग
नकली रापेरो को डंग
when i’m living out उमंग

मैं हू सही या गलत
आ के लेलो मेरा
जा तू मर बोलती बंद
अब ना बक चलता बन

हक़ीकत से लड़
तू तो कभी ना पलट
तू परख तू समझ
तू तो कभी ना भटक

जीती हार से सीखा
मैं हू सबसे सरस
तू भी मार के दिखा
अब तो जान अपना सच

जो भी गलत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है

जो भी गलत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है

जो भी गलत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है

जो भी गलत वो सही है
ये अलग ज़िंदगी है
तलब सी लगी है
हर गम में खुशी है